मुंबई:
शिवसेना ने कहा है कि
अमिताभ बच्चन
क्षेत्र के नहीं बल्कि पूरे
देश के महानायक हैं। कावेरी नदी के पानी के मुद्दे पर कर्नाटक
और तमिलनाडु के बीच
छिड़े विवाद में रजनीकांत के आंदोलन के संदर्भ में पार्टी के
मुखपत्र मराठी दैनिक'
सामना'
में दो दिन पहले छपी एक रिपोर्ट में अमिताभ
बच्चन की कथित रूप से आलोचना की गई थी। वह पहले से महाराष्ट्र
नवनिर्माण सेना के
अध्यक्ष राज ठाकरे की आलोचनाओं के निशाने पर थे। मीडिया में यह
मुद्दा खूब उछाला
गया जिसके बाद'
सामना'
के संपादकीय में अमिताभ को लेकर पार्टी ने
अपना रुख नरम किया है।संपादकीय
में कहा गया है कि बच्चन देश के महानायक
हैं इसलिये उन्हें जन्मभूमि
और कर्मभूमि
के विवाद में उलझाना ठीक नहीं है।
संपादकीय में यह भी विश्वास जताया गया है कि महाराष्ट्र के
नेता महानायक से कुछ
करने को कहेंगे तो वह इनकार नहीं करेंगे। संपादकीय में बच्चन
और गांधी परिवार के
बीच संबंधों में आई खटास और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री
मायावती की सरकार के
अभिनेता को'
तंग करने
के'
रवैये की आलोचना की गयी है। संपादकीय में एक बार फिर रजनीकांत
समेत अन्य
कलाकारों के आंदोलन में शामिल होने की तारीफ की गई है और अफसोस
व्यक्त किया गया है
कि शिवसेना जब महाराष्ट्र के हितों की बात करती है तो कलाकार
उससे दूर रहते हैं और
साथ नहीं देते। और तो और उस पर सांप्रदायिक या प्रांतवादी
पार्टी होने के आरोप लगते
हैं।
इससे पहले रविवार को'
सामना'
को दिये बयान में शिवसेना प्रमुख ने कहा
था बच्चन से उनके पारिवारिक संबंध हैं और पार्टी के अखबार में
छपी एक खबर का
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने मनमाना अर्थ लगाया है। इस बयान में
स्पष्ट किया गया है कि
अखबार में छपी खबर को पार्टी का रुख मान लेना गलत है। संपादकीय
में ऐसी बात कही गई
होती या शिवसेना प्रमुख ने ऐसा कोई बयान दिया होता तो बात अलग
थी लेकिन ऐसा कुछ
नहीं था।