किसानों की कर्ज माफी के खिलाफ याचिका खारिज नई
दिल्ली: सुप्रीम
कोर्ट ने केंद्र
सरकार की किसानों के साठ हजार करोड रूपये कर्ज माफी योजना को चुनौती
देने वाली एकजनहित
याचिका को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन और जस्टिस आर.
वी.
रवींद्रन की पीठ से याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि सरकार
द्वारा दी जा रही
रियायत का लाभ केवल भूमिहीन कृषकों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए
जिन्होंने बैको से
कर्ज लिया है न कि बड़े-बड़े जमींदारों को इसका लाभ दिया जाना चाहिये।
इस परसुप्रीम
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि यदि उनके पास किसानों के लाभ से
संबंधितकोई और
योजना है तो वह सरकार को उसका सुझाव दे सकते हैं।
इसके बाद
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति
मांगी जिसेस्वीकार
कर लिया गया। गौरतलब है कि सरकार ने इस साल के बजट में किसानों पर
सरकारीबैकों
और अन्य वित्तीय संस्थाओं के साठ हजार करोड रुपये के कर्ज माफी की
योजना पेशकी थी।
सरकार साहूकारों से लिये गये कर्ज का भुगतान भी अगले चार साल में
करेगी। यह
प्रावधान केवल उन किसानों पर लागू होगा जिनकी खेती की जमीन दो हेक्टेयर
से कम है।