|
आयुर्वेद को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद ग्राम योजना
राज्य शासन द्वारा आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रदेष में
आयुर्वेद ग्राम योजना शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत उस क्षेत्र
में उपलब्ध आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन और उसके उपयोग की
जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। योजना के तहत प्रायोगिक तौर पर
इस वर्ष प्रदेष के
25 गांवों को लिया गया है। इसके लिए इस वर्ष
के बजट में 25 लाख रूपए का प्रावधान
किया गया है।स्वास्थ्य
एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि
छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक औषधियों का भंडार है,
लेकिन इसके उपयोग की जानकारी लोगो को नहीं
होने के कारण इसका समुचित लाभ लोगाें को नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि जंगलों में सहज रूप से उपलब्ध आयुर्वेदिक
औषधियों के उपयोग की जानकारी देने के लिए यह योजना लागू की गई
है। श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक रूप से यह योजना इस
वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक संभावनाओं वाले 25
गांवों में लागू किया जा रहा है,
इसके बेहतर परिणाम मिलने पर योजना का और
विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के
गांवों, खेतों और जंगलों में अनेक
प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां पाई जाती है,
विभिन्न बीमारियों में इन औषधियों के उपयोग की
जानकारी देने के लिए यह योजना प्रदेष के 25
गांवों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू
की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने के
पहले से ही प्रदेष के लगभग 120 गांवों
में आयुर्वेद की जानकारी देने के लिए जनजागरण चलाया जा रहा है।
यह योजना जनभागीदारी पर आधारित है,
जिसमें गांवों के पंच-सरपंच और बुजुर्गों के सहयोग से आयुर्वेद
के प्रति आम लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि योजना
के लिए इस वर्ष 25 लाख रूपए का
प्रावधान किया गया है। इस राषि से गांवों में दीवार लेखन,
पम्पलेट और सभाएं कर लोगों को गांव के आसपास
उपलब्ध आयुर्वेदिक औषधियों के उपयोग की जानकारी ग्रामीणों को
दी जाएगी। इसके अन्तर्गत आयुर्वेदिक औषधियों का उत्पादन और
संवंर्ध्दन भी किया जाएगा। आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा इसमें
ग्रामीणों को सहयोग प्रदान किया जाएगा।

|
 |