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गरीबों के आंसू पोछना सरकार की सबसे बड़ी नैतिक जिम्मेदारी :
डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि गरीबों के आंसू पोछना
की भी सरकार की सबसे बड़ी नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी
निभा रही है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाओं के साथ गरीबों
की सेवा और उन्हें आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाकर छत्तीसगढ़
को विकास के हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना प्रदेश
सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री कल राज्य के सुदूरवर्ती
कोरिया जिले में भरतपुर विकासखण्ड के मुख्यालय जनकपुर में
आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने
इस अवसर पर वहां क्षेत्र के विकास के लिए
59 करोड़ रूपए से भी अधिक राशि के 48
विभिन्न कार्यो का लोकार्पण और भूमि पूजन भी
किया। इनमें से 25 करोड़ 46
लाख रूपए लागत से बने 27
पुलों सहित लगभग दो करोड़ 43
लाख रूपए की लागत से निर्मित जनकपुर के
100 बिस्तरों वाले शासकीय अस्पताल भवन और एक
करोड़ 06 लाख रूपए की लागत से निर्मित
शासकीय महाविद्यालय भवन भी शामिल हैं,
जिनका लोकार्पण उन्होंने किया। मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित
27 पुलों में से 20
का निर्माण मनेन्द्रगढ़-जनकपुर मार्ग पर
विभिन्न नदी-नालों में किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर
जनकपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 28
करोड़ 75 लाख रूपए की
लागत से बनने वाली एक दर्जन सड़कों का भी भूमि पूजन कर
शिलान्यास किया। उन्होंने सात नल-जल योजनाओं के लिए भी भूमि
पूजन किया, जिनका निर्माण कुल एक करोड़
51 लाख रूपए की लागत से ग्राम बैरासी,
रामगढ़, सिंगरौली,
कुंआरपुर, भगवानपुर और
भारीसराई में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विशाल
जनसभा को संबोधित करते हुए इन विकास कार्यों के लिए जनता को
बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरिया जैसे पिछड़े जिलों और जनकपुर
तथा भरतपुर जैसे दूर-दराज के इलाकों का सामाजिक-आर्थिक विकास
राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह
हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता भी है कि ऐसे क्षेत्रों में जनता को
हर प्रकार की बुनियादी सुविधा मिले। इसी उद्देश्य से राज्य
सरकार द्वारा सड़क, बिजली,
सिंचाई, पेयजल,
अस्पताल, स्कूल आदि हर
प्रकार की सार्वजनिक सुविधाओं को इन इलाकों में तेजी से
पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जनकपुर में हुए
विभिन्न विकास कार्यो के लोकार्पण और भूमि पूजन का उल्लेख करते
हुए कहा कि निश्चित रूप से इनके माध्यम क्षेत्र में विकास की
गति तेज होगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी तमाम
योजनाओं में गांव, गरीब और किसानों
सहित समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति और आखिरी घर के विकास को पहली
प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि विगत पचास वर्षों में हुए
कार्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में विकास और जन कल्याण के
सर्वाधिक कार्य पिछले चार वर्ष में हुए हैं। इसका श्रेय भी
जनता को दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार
वर्ष में राज्य सरकार को आम जनता के सहयोग से इस दिशा में
उल्लेखनीय सफलता मिली है।
डॉ. सिंह ने राज्य के
34 लाख गरीब परिवारों के लिए संचालित तीन रूपए
किलो चावल योजना, 32 लाख परिवारों के
लिए 25 पैसे किलो में आयोडिन नमक वितरण,
लगभग 47 लाख किसानों
को जमीन के खसरे और बी-वन की नि:शुल्क प्रतियां देने की विशेष
योजना, 48 लाख स्कूली बच्चों को
नि:शुल्क पाठयपुस्तक वितरण, 12 लाख से
अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को नि:शुल्क
चरणपादुका वितरण सहित समाज के विभिन्न जरूरतमंद वर्गों के लिए
संचालित विकास कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनसभा में
बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2005 तक
की स्थिति में वन भूमि पर काबिज ग्रामीणों को पट्टे देने का
निर्णय लिया है और इसके लिए तैयारियां की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के ए.पी.एल. चावल के कोटे में लगभग
60 हजार मीटरिक टन की कटौती को अन्याय
और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके लिए राज्य शासन
द्वारा केन्द्र से इस कटौती को वापस लेने का अनुरोध किया गया
है। आमसभा को पंचायत और ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा मंत्री
श्री अजय चन्द्राकर, महिला एवं बाल
विकास राज्य मंत्री और कोरिया जिले की प्रभारी सुश्री लता
उसेण्डी और सरगुजा के लोकसभा सांसद श्री नंदकुमार साय ने भी
संबोधित किया। आभार प्रदर्शन मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के विधायक
श्री गुलाबसिंह ने किया। लोकनिर्माण राज्य मंत्री श्री राजेश
मूणत, कोरिया जिला पंचायत के अध्यक्ष
श्री फलेन्द्र सिंह, सदस्य श्री
भैयालाल राजवाड़े, जनपद पंचायत भरतपुर
की अध्यक्ष श्रीमती गौरी सिंह और नगर पंचायत बैकुण्ठपुर के
अध्यक्ष श्री तीरथ गुप्ता सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि इस
अवसर पर उपस्थित थे।

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