क्वालालंपुर :
मलयेशिया में हिंदुओं ने नस्लीय भेदभाव
के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। भारतीय
मूल
के
लोगों
के
संगठन
हिंदू
राइट्स
एक्शन
फोर्स (
हिंदरैफ )
का कहना है कि उसके वरिष्ठ सदस्यों को बिना
ट्रायल की गिरफ्तारी के बाद अब उसका मलयेशिया की सरकार से
विश्वास उठ गया है।
हिंदरैफ के चेयरमैन पी. व्यथा मूर्ति ने कहा कि वह संगठन के
अगले कदम के बारे में वह लंदन में रहकर ही फैसला लेंगे। गौरतलब
है
कि
क्वालालंपुर
में 25
नवंबर
को
हुए
प्रदर्शन
के
सिलसिले
में
आंतरिक
सुरक्षा
कानून
के
तहत 5
भारतीय
मूल
के
लोगों
को
हिरासत
में
ले
लिया
गया
है।
इस बीच ,
मलयेशिया में गिरफ्तार भारतीय मूल के लोगों के पक्ष में
अमेरिका ने आवाज उठाई
है। अमेरिकी
विदेश
विभाग
के
प्रवक्ता
सीन
मैकोर्मेक
ने
गुरुवार
को
कहा
कि
देश
में
बराबरी
की
मांग
करने
वाले
हिंदरैफ
के
सदस्यों
के
साथ
अन्य
नागरिकों
के
समान
व्यवहार
होना
चाहिए
तथा
उन
पर
पारदर्शी
तरीके
से
कानूनी
कार्रवाई
होनी
चाहिए।
उन्होंने
कहा
कि
सभी
को
शांतिपूर्ण
तरीके
से
अपनी
बात
कहने
का
अधिकार
दिया
जाना
चाहिए।