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हंगरी में 11 वर्ष के बॉबी का हंगामा

 

आगरा। उरई जैसे पिछड़े इलाके के बेहद गरीब परिवार का बच्चा बॉबी ने महज 11 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पुरस्कार पाकर उन तमाम खिलाड़ियों के लिए नजीर पेश की है जो संसाधनों की कमी से हार मान लेते हैं। या ऐसे कहें कि मो. बाबी गुदड़ी का वो लाल है जिसकी आंखें आ॓लंपिक पदक पर लगी हैं।
आगरा के एकलव्य स्पोर्टस स्टेडियम के जिमनास्ट छात्रावास में रहने वाले मो. बॉबी ने हंगरी में आयोजित जिमनास्ट प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने में सफलता प्राप्त की है। बॉबी आगरा के एकलव्य स्टेडियम में पिछले दो साल से जिमनास्ट के गुर सीख रहा है। पदक पाने से स्टेडियम के कोच एके सेठी समेत उसके साथी खिलाड़ी भी बेहद खुश हैं।
11
साल का मो. बॉबी तीन साल पहले आगरा के एकलव्य स्पोर्टस स्टेडियम के जिमनास्ट छात्रावास में आया था। उस समय किसी ने भी नहीं सोचा था कि उरई का ये बालक आगरा के जिमनास्ट हास्टल में रहकर देश के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतेगा। मो. बॉबी के पिता श्री नत्थू खां उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम के सामने न्यू पटेल नगर में रहते हैं। मो. बॉबी के नौ भाई-बहन हैं। इतने बड़े परिवार के भरण-पोषण के लिए बॉबी का पिता छोटी सी परचूनी की दुकान चलाता है। बॉबी को जिमनास्टिक के लिए उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम के कोच सुरेन्द्र कुमार ने पांच साल पहले प्रेरित किया था। श्री सुरेन्द्र कुमार स्पोर्टस अथारिटी ऑफ इंडिया के कोच हैं और वे इन दिनों लखनऊ में तैनात हैं। उन्हीं के प्रयासों से बॉबी उरई से आगरा के एकलव्य स्पोर्टस स्टेडियम के जिमनास्ट छात्रावास में आया था।
एकलव्य स्पोर्टस स्टेडियम में जिमनास्ट के कोच एके सेठी ने बॉबी की प्रतिभा को तराशा और बॉबी ने इसी साल सब-जूनियर वर्ग की राष्ट्ऱीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। अच्छे प्रदर्शन के आधार पर बॉबी का जिमनास्ट की सब-जूनियर वर्ग की भारतीय टीम में चयन हुआ और वह 17 देशों की प्रतिस्पर्धा में उसने दो कांस्य पदक पाए। पहले विदेशी दौरे में बॉबी के साथ कोच भी नहीं थे। इसके बावजूद भी उसने प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया। अब बॉबी के हौंसले बुलंद हैं। बॉबी ने बताया कि अब वह आ॓लंपिक में पदक जीतने की तैयारी में लग गया है। बॉबी इस समय आगरा के राधाबल्लभ इंटर कालेज में कक्षा छह का छात्र है। उसके तीन भाई मो. रवि, मो. रजि और मो. समी भी जिमनास्ट के खिलाड़ी हैं लेकिन छात्रावास में मो. रवि भी बॉबी के साथ रहता है। मो. रवि भी जिमनास्ट की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुका है। यह पहला मौका है, जब आगरा के एकलव्य स्पोटर्स स्टेडियम के किसी खिलाड़ी ने सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। बॉबी ने उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के भरोसे को भी अच्छे परिणाम में बदला और दो पदक जीतकर लाया। इससे छात्रावास के खिलाड़ी भी काफी खुश हैं। स्टेडियम के कोच एके सेठी ने बताया कि बॉबी ने हंगरी में आयोजित जिमनास्ट प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर आगरा व उरई का नाम ही नहीं बल्कि विदेशों में देश का नाम रोशन किया है। बॉबी दो साल से जिमनास्ट के गुर सीख रहा है। हम लोग उसके पदक पाने से काफी खुश हैं।

 

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