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राज्य के पॉलीटेक्नीक संस्थानों में अनेक रोजगारोन्मुखी
पाठयक्रम संचालित
युवाओं को रोजगार के मामले में बाजार की मांग के अनुरूप
प्रशिक्षित करने के लिए राज्य की पॉलीटेक्नीक संस्थानों में
इन्फरमेशन टेक्नालॉजी,
कम्प्यूटर साइंस,
आर्किटेक्चर, कस्टयूम डिजाइनिंग ड्रेस
मेकिंग, इंटीरियर डिजायन आदि कोर्स
पढ़ाए जा रहे हैं। इन संस्थानों में दसवीं उत्तीर्ण
विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा नि:शुल्क
पुस्तकें दी जाती है। राज्य की 11
पॉलीटेक्नीक में 1855 से अधिक सीटें
हैं। इनमें से रायपुर जगदलपुर व राजनांदगांव में केवल छात्राओं
को प्रवेश दिया जाता है। शेष 08
संस्थाओं अंबिकापुर, कोरबा,
रायगढ़ तखतपुर, धमतरी,
खैरागढ़, दुर्ग,
कवर्धा में सह शिक्षा है। इसके साथ ही कन्या
पॉलीटेक्नीक रायपुर व पॉलीटेक्नीक दुर्ग में नि:शक्त
विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सुविधा है। इनमें
30-30 विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए मोटर
वाइडिंग, टी.वी मेकेनिक,
कम्प्यूटर ऑपरेटर,
आंतरिक साज-सज्जा के लिए कम अवधि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति
बांधी ने बताया कि राज्य की पॉलीटेक्नीक संस्थानों में
फार्मेसी पाठयक्रम को छोड़कर शेष तकनीकी विषयों सिविल
इंजीनियरिंग मेटलर्जिकल,
इंजीनियरिंग,
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग,
इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन,
इन्फर्मेशन टेक्नॉलाजी, कम्प्यूटर
साइंस इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल
इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्यूनिकेशन,
इन्फर्मेंशन टेक्नालॉजी, कम्प्यूटर
साइंस इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल
इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड डेकोरेशन,
माडर्न आफिस मैनेजमेंट,
कास्टयूम डिजाईनिंग एंड ड्रेसमेकिंग में
प्रवेश सीधी भर्ती के माध्यम से दिया जाता है। फार्मेसी
पाठयक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा ली जाती है। फार्मेसी तथा
आक्र्टिेक्चर में बारहवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रवेश
दिया जाता है।
राज्य के सभी पॉलीटेक्नीक संस्थानों में सामुदायिक योजना चलाई
जा रही है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण अवधि
03 से 06 माह की है।
इसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आत्मनिर्भर बन सकते है। इस
योजना के तहत विस्तार केन्द्र खोलकर ग्रामीण बेरोजगार
युवक-युवतियों को विभिन्न व्यवसायों मोटर वाइडिंग,
टी.वी. मेकेनिक,
कम्प्यूटर ऑपरेटर, आंतरिक साज-सज्जा
आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति जनजाति के
छात्र-छात्राओं को आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा पोस्ट
मेट्रिक छात्रवृत्ति 620 रूपए प्रतिमाह
तथा गैर आदिवासी छात्र-छात्राओं को 430
रूपए प्रतिमाह की दर से दी जाती है। अनुसूचित जाति-जनजाति के
छात्र जिनके पिता-माता की आय दो लाख रूपए प्रतिवर्ष है,
शिक्षण शुल्क में पूरी छूट तथा ढाई लाख रूपए
तक की वार्षिक आय के लिए शिक्षण शुल्क में आधी छूट दी जा रही
है।

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