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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज पंजाब यात्रा के
दौरान जहां अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हरमिन्दर साहिब में
मत्था टेका और पंजाब तथा छत्तीसगढ़ की जनता की तरक्की और
खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा,
वहीं उन्होंने बाघा बार्डर में भारत पाकिस्तान
की सरहद पर (अटारी में) दोनों देशों के बीच शांति और
मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए भी अपनी सद्भावना प्रकट की।
मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह सहित
प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड और विशेषर् कत्तव्यस्थ अधिकारी
श्री विक्रम सिसोदिया भी थे।
अमृतसर में सांसद श्री नवजोत सिंह सिध्दू ने डॉ. रमन सिंह की
अगवानी की। स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक
कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में आए स्थानीय
नागरिकों ने डॉ. रमन सिंह का गर्मजोशी के साथ आत्मीय स्वागत
किया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने उन सभी का कुशलक्षेम पूछा और
उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। डॉ. रमन सिंह ने उनसे चर्चा करते
हुए छत्तीसगढ़ और पंजाब की जनता के बीच वर्षों पुराने
सामाजिक-सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया।
कमेटी के पदाधिकारियों ने डॉ. सिंह को स्मृति चिन्ह के रूप में
स्वर्ण मंदिर का एक आकर्षक चित्र भेंट किया। डॉ. रमन सिंह ने
इस अवसर पर कहा कि पंजाब का सिख समाज एक मेहनतकश समाज है। इस
समाज के लोग छत्तीसगढ़ के विकास में भी सामाजिक समरसता की भावना
के साथ भरपूर योगदान दे रहे हैं। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक
कमेटी के पदाधिकारियों ने भी डॉ. रमन सिंह को अपनी शुभकामनाएं
दी।
डॉ. सिंह ने अमृतसर में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस
कोकजे से भी सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने श्री कोकजे को
छत्तीसगढ़ भ्रमण का न्यौता दिया। अपनी पंजाब यात्रा के दौरान
डॉ. रमन सिंह आज बाघा बार्डर भी पहुंचे,
जहां उन्होंने पर भारत-पाकिस्तान की सरहद
(जीरो पाइंट) पर पहुंचकर भारतीय सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों
और जवानों का हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री के वहां पहुंचने पर
हजारों की संख्या में बी.एस.एफ. के जवानों सहित स्थानीय लोगों
ने उनका गर्मजोशी से आत्मीय अभिनंदन और स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने भारत पाक सरहद पर दोनों देशों की जनता के बीच
शांति, प्रेम और भाईचारे के साथ
मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए अपनी शुभकामना और सद्भावना प्रकट
की।

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