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दो दिसम्बर की रैली में जाम करने का प्रयास कर रहें भजन
समर्थकों पर लाठीचार्ज,
कई घायल
करनाल।
दो दिसम्बर की रैली को लेकर गत सायं
प्रशासन द्वारा दर्जनों गाड़ियां पकड़ने व
लाठीचार्ज के विरोध में आज राष्ट्रीय
राजमार्ग जाम करने का प्रयास कर रहे भजन
व कुलदीप समर्थकों पर पुलिस ने जम कर
लाठियां भाजीं तथा आंसू गैस के गोले भी
छोड़े। लाठीचार्ज में इन्द्री हल्के के
विधायक राकेश काम्बोज,
दलित नेता रणबीर भुम्बक,
यशपाल राणा सहित दर्जनों लोग घायल
हुए हैं। अनेक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो
गये हैं।
पुलिस ने पत्रकारों को भी नहीं
बख्शा। लाठीचार्ज में कई पत्रकार भी
घायल हो गये हैं। कई कैमरे तक तोड़ दिये गये।
पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते
हुए पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
है। सांसद कुलदीप बिश्नोई ने समर्थकों
पर लाठीचार्ज को प्रजातंत्र पर हमला बताया
है। ज्ञातव्य है कि रोहतक की जनहित रैली
में जुटने वाली भीड़ से बौखलाई सरकार ने गत
दिवस यहां स्थित टैक्सी स्टैंड से
दर्जनों गाड़ियां पकड़ ली थीं। गत दिवस भजन
समर्थकों पर लाठियां भी भाजी गयी थीं।
विधायक राकेश काम्बोज ने प्रशासन को
पकड़ी
गयी गाड़ियों को छोड़ने का अल्टीमेटम देते
हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की
चेतावनी देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग
जाम करने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के तहत ही
सैकड़ों भजन समर्थक आज अटल पार्क में
एकत्रित हुए। करीब एक बजे विधायक राकेश
काम्बोज,
जिलेराय,
त्रिलोचन व अन्य नेता उपायुक्त से मिलने
पहुंचे लेकिन उपायुक्त
ने कानून का वास्ता देकर गाड़ियां छोड़ने
में असमर्थता जतायी।
जब भजन समर्थक
राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ बढ़े तो
राजमार्ग से पहले ही तैनात भारी पुलिस बल ने भजन
समर्थकों पर लाठियां बरसाईं व आंसू गैस
के गोले दागे जिसमें कई लोग घायल हो गये।
घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया
गया। विधायक राकेश काम्बोज ने कहा कि पुलिस
व प्रशासन की ज्यादती के बावजूद लोग हर
हाल में रैली में पहुंचेंगे। उन्होंने कहा
कि पुलिस ने जानबूझकर उन्हें व अन्य
नेताओं को निशाना बना कर लाठियां बरसाई गयीं।
भजन व कुलदीप समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज
के बारे में पत्रकारों से बातचीत करते
हुए उपायुक्त बीएस मलिक ने बताया कि
उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार राष्ट्रीय
राजमार्ग जाम करने का अधिकारी किसी को
नहीं है। इन्द्री के विधायक राकेश काम्बोज व
उनके समर्थक जीटी रोड जाम करने का
प्रयास कर रहे थे पुलिस द्वारा चेतावनी देने के
बावजूद उन्होंने पुलिस पर पथराव किया तब
मजबूरन पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू
गैस छोड़ी। उन्होंने रैली को लेकर
गाड़ियों की धरपकड़ को गलत बताया। उन्होंने कहा
जितनी गाड़ियां पकड़ी गयी हैं वे सब
कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई हैं।

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