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सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की तीन सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा - डॉ.रमन सिंह

 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की तीन सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए शासन स्तर पर सचिवों की एक समिति बनाने की घोषणा की है। डॉ. सिंह ने कहा है कि इस समिति में सामान्य प्रशासन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग तथा एक अन्य विभाग के सचिव के साथ छत्तीसगढ़ सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा। संघ की मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री ने आज दोपहर यहां रंगमंदिर सभागृह में आयोजित छत्तीसगढ़ सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रथम राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। सम्मेलन को पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर और जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संघ द्वारा मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए उन्हें तीन सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया जिसमें मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों का ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन करते हुए प्रत्येक चार अथवा छह ग्राम पंचायतों के बीच विकास कार्यों के समन्वय और पर्यवेक्षण के लिए उन्हें पंचायत समन्वय अधिकारी बनाने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत कर्मियों की नियुक्ति करने और सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय पद संरचना जल्द स्वीकृत करने की मांग भी इसमें शामिल है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों और गांवों को स्वावलम्बी बनाना राज्य शासन का लक्ष्य है। इसके लिए त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न विभागों की अनेक योजनाएं चल रही हैं। इसके क्रियान्वयन में सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्षों में विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं के अन्तर्गत भी अनेक अच्छे कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिलती है और जब केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वयं यहां के कार्यों की तारीफ करते हैं तो लगता है कि वास्तव में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। राज्य सरकार इस दिशा में बेहतर काम कर रही है। गांवों में विभिन्न विकास योजनाओं के जरिये जनता के लिए सार्वजनिक सुविधाओं के साथ अनेक स्थायी परिसम्पत्तियों का भी निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका अधिकांश श्रेय ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हमारे उन हजारों कर्मचारियों को भी दिया जाना चाहिए, जो इसके लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं।

 अपने उद्बोधन में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक स्पष्ट सोच के साथ राज्य के गांवों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य निर्माण के समय यहां ग्रामीण विकास योजनाओं का बजट सिर्फ ढ़ाई सौ करोड़ रूपए के आस-पास था, जबकि आज यह बढ़कर लगभग तीन हजार करोड़ के आस-पास पहुंच रहा है। श्री चन्द्राकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मला घाट, सदभावना भवन, इंद्रप्रस्थ खेल मैदान योजना, वृंदावन गौठान निर्माण योजना, गौरव-ग्राम योजना, गली सीमेंटीकरण, सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान आदि अनेक योजनाएं गांवों के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबध्दता को प्रकट करती है। श्री चन्द्राकर ने भी इन योजनाओं पर अमल करने में सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं से परिचित है और समाधान के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

 जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने भी अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन योजनाओं का समुचित लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों की भी अहम भूमिका है। श्री बजाज ने उम्मीद जतायी कि मुख्यमंत्री द्वारा उनकी तीन सूत्रीय मांगों पर मानवीय दृष्टिकोण से जल्द उचित निर्णय लिया जाएगा। प्रारंभ में छत्तीसगढ़ सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री प्रकाश शुक्ला ने स्वागत भाषण देते हुए संघ की ओर से मुख्यमंत्री को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। श्री शुक्ला ने कहा कि सहायक ग्राम पंचायत अधिकारियों पर लगभग 24 विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। वर्ष 1980 में नियुक्त अनेक सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी आज 27 वर्ष बाद भी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ने उनकी तीन सूत्रीय मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन स्तर पर सचिवों की समिति इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय लेगी। ये ऐसी मांगे हैं जिनमें निर्णय लेने में कोई विलम्ब नहीं होगा। सम्मेलन में सरपंच संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला और सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अनेक पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और जिला पंचायत अध्यक्ष का स्वागत किया।

 

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