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भारत के राज्य चिन्ह के प्रयोग को
विनियमित करने के लिए नियम लागू
भारत सरकार,
गृह मंत्रालय ने विभिन्न प्रयोजनों जैसे
शासकीय मुद्रा में और लेखन सामग्री इत्यादि में भारत के राज्य
संप्रतीक (EMBLEM)
के प्रयोग को विनियमित करने के लिए ''भारत
का राज्य संप्रतीक (प्रयोग का विनियम) 2007''
बनाया है। इसका प्रकाशन 04
अक्टूबर 2007 को भारत
के राजपत्र में कर दिया गया है। भारत का राज्य संप्रतीक
(अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) अधिनियम 2005
की धारा 11 के तहत राज्य संप्रतीक के
प्रयोग को विनियमित करने के लिए यह नियम बनाया गया है। सामान्य
प्रशासन विभाग ने इस नियम के प्रावधानों के अनुसार शासन के सभी
विभागों से कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
भारत के राजपत्र में प्रकाशित भारत का राज्य संप्रतीक (प्रयोग
का विनियम)
2007 के अनुसार शासकीय मुद्रा के डिजाईन में
अंडाकार या गोल विरचना में संलग्न संप्रतीक होगा। विरचना के
आंतरिक और बाहरी घेरों के बीच मंत्रालय या कार्यालय का नाम
दर्शाया जाएगा। राज्य शासन संप्रतीक को केन्द्रीय सरकार का
अनुमोदन प्राप्त किए बिना यथास्थिति राज्य के शासकीय संप्रतीक
के रूप में अंगीकार कर सकेगी। शासकीय या अर्ध्द शासकीय लेखन
सामग्री में संप्रतीक का उपयोग लेखन सामग्री के शीर्ष के बीचों
बीच स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा। संप्रतीक को राष्ट्रपति भवन,
संसद भवन, उच्चतम
न्यायालय, और केन्द्रीय सचिवालय भवन,
उन राज्यों के या संघ राज्य क्षेत्रों के
राजभवन, राज्य विधानमंडल,
उच्च न्यायालयों और सचिवालय भवनों पर भी
प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्होंने
संप्रतीक को स्वीकार किया है।
सरकार द्वारा निर्मित फिल्म और वृत्त चित्र सरकारी विज्ञापन,
बैनर, पुस्तिकाएं,
बोर्ड, स्टाम्प पेपर,
कलगी, फ्लेग,
आसन ऐसे उपांतरण के साथ जो आवश्यक हो सरकार
द्वारा जारी पहचान पत्र, अनुज्ञप्तियां,
परमिट, सरकार के
वेबसाइट, भारत सरकारों की टकसालों या
मुद्रणालयों द्वारा जारी सिक्के,
करेंसी नोट और डाक टिकट में संप्रतीक का उपयोग किया जा सकेगा।
इसके अलावा सरकारी समारोहों के निमंत्रण पत्र,
राष्ट्रपति भवन,
राजभवनों, राज निवासों तथा विदेश स्थित
भारतीय मिशनों या केन्द्रों में प्रयोग में आने वाले
प्रतिनिधित्व संबंधी कांच के बर्तन,
चीनी मिट्टी के बर्तन तथा छुरी कांटे में भी संप्रतीक का
प्रयोग किया जा सकेगा।
संघ के सशस्त्र बलों के कमीशन प्राप्त या राजपत्रित
अधिकारियों,
संघ और राज्य सरकारों के वर्दी वाली सेवाओं के
राजपत्रित अधिकारियों, राष्ट्रपति भवन
और विदेशों में भारतीय मिशन और पदों के प्राधिकृत कर्मचारियों
की गणवेश द्वारा ऐसे उपांतरण के साथ जो आवश्यक हों बैज,
कालर बटन में राज्य चिन्ह का उपयोग किया जा
सकेगा। इसके साथ ही विद्यालय की पाठय पुस्तकें,
इतिहास, कला या
संस्कृति की पुस्तकें या संप्रतीक के उद्गम,
महत्व या स्वीकार करने को स्पष्ट करने या उसका
उदाहरण देने के प्रयोजन के लिए किसी अध्याय,
धारा आदि के, पाठ के
भाग रूप में किसी नियतकालिक पत्रिका में इसका उपयोग किया जा
सकता है। परन्तु संप्रतीक ऐसे प्रकाशन के मुख्य पृष्ठ,
शीर्षक या आवरण पर प्रयोग नहीं किया जाएगा।
जिससे कि यह धारणा बनाई जा सके कि यह सरकारी प्रकाशन है।
राष्ट्रपति भवन की कारों जब राष्ट्रपति या उनके पति या पत्नी
ऐसे वाहनों में यात्रा कर रहे हों,
विदेशी राज्यों के प्रमुख अतिथि,
उपराष्ट्रपति, राजभवन
और राजनिवासों की कारें तथा नियम में दर्शायी गयी अन्य कारों
में संप्रतीक का उपयोग किया जा सकेगा। राष्ट्रपति,
उपराष्ट्रपति,
प्रधानमंत्री और संघ का कोई मंत्री,
राज्यपाल, उपराज्यपाल,
भारत की संसद का कार्यालय और उसके अधिकारी,
न्यायाधीश और न्यायपालिका के कार्यालय और उसके
अधिकारी, योजना आयोग का कार्यालय और
उसके अधिकारी, भारत का मुख्य निर्वाचन
आयुक्त, निर्वाचन आयुक्त और भारत
निर्वाचन आयोग का कार्यालय और उसके अधिकारी,
भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक,
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का
कार्यालय और उसके अधिकारी, संप्रतीक का
उपयोग कर सकेंगे।
इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष और उसके सदस्य और
संघ लोक सेवा आयोग का कार्यालय और उसके अधिकारी,
केन्द्रीय सरकार के मंत्रालय,
विभाग और कार्यालय तथा उनके राजपत्रित अधिकारी,
विदेशों में राजनयिक मिशन और उनके अधिकारी,
राज्यों में मुख्यमंत्री,
मंत्री, संसद सदस्य और
यथास्थिति राज्य या संघ राज्यों की विधानसभाओं या विधान परिषद
के सदस्य, राज्य विधानसभा के कार्यालय
और अधिकारी, राज्य सरकारों के मंत्रालय,
विभाग और कार्यालय और उनके राजपत्रित अधिकारी,
राज्य विधानमण्डल के किसी अधिनियम द्वारा गठित
या स्थापित या राज्य सरकार द्वारा स्थापित आयोग और प्राधिकारी
द्वारा राष्ट्रीय संप्रतीक का उपयोग किया जा सकेगा।
संप्रतीक के प्रयोग पर कुछ बंधन भी लगाए गए हैं। इन नियमों के
अधीन प्राधिकृत व्यक्तियों से भिन्न कोई भी व्यक्ति (जिसके
अंतर्गत भूतपूर्व मंत्री,
भूतपूर्व सांसद,
विधानसभा के भूतपूर्व सदस्य, भूतपूर्ण
न्यायाधीश और सेवानिवृत्त सरकारी पदधारी जैसे सरकार के
भूतपूर्ण कृत्यकारी भी हैं) किसी भी तरीके से संप्रतीक का
प्रयोग नहीं करेंगे। इन नियमों के अधीन प्राधिकृत किए गए से
भिन्न कोई आयोग या समिति, पब्लिक
सेक्टर उपक्रम, बैंक,
नगर पालिका परिषद,
पंचायत राज संस्था, परिषद,
गैर सरकारी संगठन विश्वविद्यालय किसी भी
स्थिति में संप्रतीक का प्रयोग नहीं कर सकेगा।
कोई भी संगम या व्यक्ति निकाय चाहे निगमित हो या नहीं,
किसी भी रीति में अपने लेटर हेड पुस्तिकाओं,
आसन, कलगी,
बैज, हाउस फ्लेग या
किसी अन्य प्रयोजन के लिए संप्रतीक का प्रयोग नहीं करेगा। इसके
अलावा ऐसी लेखन सामग्री पर इसके अंतर्गत लेटर हेड,
परिचय कार्ड और बधाई कार्ड है जो ऐसे व्यक्ति
के नाम के साथ लेखन सामग्री पर इन नियमों के अधीन संप्रतीक का
प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत है,
अधिवक्ता, संपादक,
चार्टर्ड एकाउंटेंट जैसे शब्द नहीं होंगे।
नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी व्यापार,
आजीविका या वृत्ति के प्रयोजन के लिए या किसी
पेटेंट के शीर्षक में या किसी व्यापार चिन्ह अथवा डिजाईन में
संप्रतीक या उससे मिलती जुलती नकल का प्रयोग नहीं करेगा या
उसका प्रयोग करना जारी नहीं रखेगा। परन्तु कोई व्यक्ति,
समूह, संगम,
निकाय, निगम केन्द्रीय
सरकार के पूर्व अनुमोदन से उसके द्वारा आयोजित किसी समारोह के
संबंध में या केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के किसी मंत्रालय
या विभाग के साथ संयुक्त रूप से किसी प्रकाशन के संबंध में
संप्रतीक का प्रयोग कर सकेगा।

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