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संसदीय चुनावों में किंग मेकर बने पुतिन
मॉस्को
:
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर
पुतिन की युनाइटेड रशिया पार्टी (यूआरपी) ने संसदीय चुनावों
में भारी जीत हासिल की
है। इन नतीजों के बाद पुतिन रूसी राजनीति में किंग मेकर के रूप
में उभरे हैं।
हालांकि इस जीत ने विपक्ष और विदेशी पर्यवेक्षकों को उंगली
उठाने का मौका भी दे
दिया है। इन लोगों ने इस जीत को
'निष्पक्ष'
मानने से इनकार किया है।
यूआरपी
इस जीत को राष्ट्रपति के रूप में पुतिन
8
साल के शासन पर जनमतसंग्रह की तरह देख रही
है। उसने
64.1
फीसदी वोट हासिल कर ड्यूमा की कुल
450
सीटों में से
313
पर कब्जा
जमाया है। यूआरपी नेता और स्पीकर बोरिस ग्रिजलोव ने कहा कि
नतीजों ने साबित कर दिया
है कि पुतिन ही हमारे नेता हैं और लोगों ने उनके काम का समर्थन
किया है। वहीं,
कम्यूनिस्ट पार्टी,
केपीआरएफ महज
11.6
फीसदी वोट ही हासिल कर सकी। नए सदन में
तकरीबन आधी सीटें गंवा चुकी केपीआरएफ ने इन नतीजों को कोर्ट
में चुनौती देने का मन
बनाया है। वह नई संसद के बॉयकॉट की भी सोच रही है। केपीआरएफ
नेता गेनडी जुगानोव ने
चुनावों में अनगिनत अनियमितताओं और फ्रॉड का दावा किया है। हम
अलग से अपनी गिनती
करवाएंगे। रूसी संगठन गोलोज ने भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों
और धांधली का मुद्दा
उठाया है।
ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्युरिटी ऐंड कोऑपरेशन इन यूरोप (ओएससीई) और
काउंसिल ऑफ यूरोप इन चुनावों में विदेशी पर्यवेक्षकों की
भूमिका निभाई। ओएससीई के
350
लोगों की टीम का नेतृत्व कर रहे सांसद जोरान लेनमार्कर ने कहा
कि इन चुनावों
में यूरोपीय चुनाव मानकों में से कई का पालन नहीं हुआ है।
इसलिए ये निष्पक्ष नहीं
हैं। चुनाव ऐसे माहौल में कराए गए जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा
की गुंजाइश कम थी और
राजनीतिक दलों को समान अवसर नहीं दिए गए। सत्ता का लगातार
दुरुपयोग किया गया।
मीडिया में सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में प्रचार किया गया।
चुनाव आचारसंहिता ऐसी
बनाई गई,
जिससे दूसरी पार्टियों को मुश्किलें पेश आईं। अमेरिका ने भी
पुतिन की जीत
को संदेह के घेरे में लेते हुए उससे आग्रह किया है कि चुनावी
गड़बड़ियों की
शिकायतों की सचाई सामने लाने के लिए जांच कराई जाए।
हालांकि,
चुनाव आयोग ने
विदेशी पर्यवेक्षकों और विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज कर दिया
है। उसने कहा कि ये
लोग सिर्फ अपनी राजनीतिक मंशा की पूर्ति कर रहे हैं। चुनाव
आयोग के चेयरमैन ने
सरकारी टीवी पर आकर कहा कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

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