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टीम इंडिया का कोच बनने के लिए कर्स्टन ने कॉन्ट्रैक्ट साइन
किया
जोहानिसबर्ग
:
साउथ
अफ्रीका
के
पूर्व
ओपनर
गैरी
कर्स्टन
ने टीम
इंडिया का कोच बनने के लिए
2
साल का
कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया है। हालांकि,
कर्स्टन
अगले साल एक मार्च से औपचारिक रूप
से कोच की
जिम्मेदारी संभालेंगे,
लेकिन
उन्होंने कहा है कि वह
इस
महीने
ऑस्ट्रेलियाई
दौरे
पर
जा
रही
भारतीय
टीम
के
साथ
बतौर
सलाहकार
जाएंगे।
बीसीसीआई
से जुड़े सूत्रों के मुताबिक
कर्स्टन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट के बाद ही टीम इंडिया से
जुड़ पाएंगे।
गौरतलब है
कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट एक जनवरी से सिडनी
में होगा।
कर्स्टन
ने
अपने
करार
का
खुलासा
करते
हुए
कहा
है
कि
वह
बीसीसीआई
के
साथ
2 साल
का
करार
करेंगे।
यह
करार
अगले
साल
एक
मार्च
से
शुरू
होगा।
40 वर्षीय
इस
बाएं
हाथ
के
बल्लेबाज
ने
बीसीसीआई
की
शर्त
के
बारे
में
बताने
से
मना
कर
दिया
कि
यह
सब
गोपनीय
है।
इससे
पहले
गैरी
कर्स्टन
ने
भारतीय
टीम
ने
यह
पद
संभालने
का
फैसला
यह
कहते
हुए
टाल
दिया
था
कि
वह
इस
बारे
में
खिलाड़ियों
से
पूर्ण
आश्वासन
चाहते
हैं।
कर्स्टन
ने
कहा
था
कि
मैंने
ऐसी
खबरें
सुनीं
हैं
कि
कुछ
सीनियर
भारतीय
खिलाड़ियों
को
मेरी
नियुक्ति
पर
आपत्ति
है।
ऐसे
में
भारत
के
कोच
की
जिम्मेदारी
संभालने
से
पहले
मैं
पूरी
स्थिति
साफ
करना
चाहता
हूं।
उन्होंने
यह
भी
कहा
था
कि
मुझे
इस
बात
की
जानकारी
नहीं
है
कि
सीनियर
खिलाड़ियों
को
मेरी
नियुक्ति
से
आपत्ति
है
या
नहीं।
मैं
हाल
में
नई
दिल्ली
में
सिर्फ
कप्तान
अनिल
कुंबले
से
मिला
था।
मुझे
उनका
रवैया
काफी
सहयोगपूर्ण
लगा।
अगर
सीनियर
खिलाड़ियों
को
कोई
आपत्ति
है
तो
मैं
यह
जानना
चाहूंगा
कि
यह
मेरे
बारे
में
है
या
उस
प्रक्रिया
के
बारे
में
है
, जिसके
तहत
मुझे
कोच
पद
की
पेशकश
की
गई।
'
नई
दिल्ली
में
बीसीसीआई
के
अध्यक्ष
शरद
पवार
ने
इन
मीडिया
रिपोर्ट्स
को
गलत
बताया
था
कि
गैरी
कर्स्टन
टीम
इंडिया
का
कोच
पद
स्वीकार
करने
में
इसलिए
देरी
कर
रहे
हैं
कि
उन्हें
टीम
के
सीनियर
खिलाड़ियों
के
विरोध
की
आशंका
है।
पवार
ने
कहा
कि
कर्स्टन
ने
कुछ
स्पष्टीकरण
जरूर
मांगे
थे
, लेकिन
उनका
इससे
कुछ
लेना
देना
नहीं
है
कि
सीनियर
खिलाड़ी
उनके
बारे
में
क्या
सोचते
हैं।
गौरतलब
है
कि
भारतीय
अखबारों
ने
कुछ
सीनियर
खिलाड़ियों
के
हवाले
से
जानकारी
दी
थी
कि
टीम
का
मौजूदा
ढांचा
अच्छा
काम
कर
रहा
है
और
बतौर
कोच
कर्स्टन
की
नियुक्ति
की
जरूरत
नहीं
है।
एक
खिलाड़ी
ने
' मुंबई
मिरर
' से
कहा
था
कि
इस
वक्त
टीम
को
कोच
की
कोई
जरूरत
नहीं
है।
कर्स्टन
ने
इस
के
बाद
कहा
था
कि
मैं
इस
बारे
में
खिलाड़ियों
से
बात
करना
चाहता
हूं
ताकि
उनकी
भावनाओं
की
थाह
ले
सकूं।
मुझे
कोई
जल्दबाजी
नहीं
है
, क्योंकि
यह
बहुत
बड़ी
जिम्मेदारी
है।
कोई
भी
फैसला
बहुत
सावधानी
और
सभी
संबंधित
लोगों
से
बात
करके
ही
लेना
होगा।
खिलाड़ियों
की
सहमति
के
बिना
आप
किसी
भी
टीम
के
कोच
नहीं
बन
सकते
हैं।
मैंने
बीसीसीआई
को
खत
लिखकर
इस
बारे
में
सारी
स्थिति
साफ
करने
को
कहा
है।
'

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