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रहस्यमयी दिमागी बुखार से लगभग 500 सौ बच्चों
की मौत
लखनऊ।
उत्तरी भारत में इस वर्ष एक रहस्यमयी दिमागी बुखार के कारण
लगभग 500 बच्चों की मौत हो गई है। गुरूवार को डॉक्टरों ने इस
विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस बीमारी के चलते स्थिति
खराब होती जा रही है।
उत्तरप्रदेश के स्वास्थ्यमंत्री अनंत कुमार मिश्रा ने जानकारी
देते हुए कहा कि डॉक्टर इस रहस्यमयी बीमारी के कारणों को जानने
नें असफल रहे हैं,
यह
बीमारी केवल बच्चों को ही अपना शिकार बना रही है जिसके चलते अब
तक 484 बच्चों की असमय मौत हो गई है।
मिश्रा आगे कहते है कि उन्होंने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को
निर्देश दिए हैं कि वे शीघ्र अति शीघ्र इस बीमारी के कारणों की
खोज करें।
एक वरिष्ट सरकारी डॉक्टर अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले
एक महीने के दौरान इस बीमारी के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है और
लगभग 100 बच्चों की मौत हो गई है। ज्यादातर मामले राज्य के
पूर्वी भागों में देखने को मिले हैं।
श्रीवास्तव कहते है कि समस्या तब और अधिक गंभीर हो जाती हैं जब
समय पर बच्चों को अस्पताल में दाखिल नहीं कराया जाता। उन्होंने
कहा कि देरी के कारण आखिर मिनट पर हम भी कुछ नहीं कर सकते।
मच्छरों के कारण होने वाला दिमागी बुखार उत्तरप्रदेश में आम
है। 18 करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में आम स्वास्थ्य
सुविधाएं दूर-दराह के इलाकों में रहने वाली गरीब जनता की पहुंच
से बाहर हैं।
हाल ही में जापानी दिमागी बुखार की रोकथाम के चलाया गया
टीकाकरण अभियान सफल रहा था। जिसके बाद इसके कुछ ही मामले सामने
आए थे। वर्ष 2005 में इस बुखार के 1,400
मामले सामने आए थे,
लेकिन इस बार यह संख्या कम हुई है। लेकिन जो दिमागी बुखार अब
सामने आया है उसके कारण अभी भी डॉक्टरों की समझ से परे है।

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