इटावा :
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने एक
बार फिर उत्तर प्रदेश के इटावा में आम लोगों से मिलने के लिए
एसपीजी का सुरक्षा
घेरा तोड़ दिया। वो इटावा जिले के उस इलाके में पहुंचे जहां
बुधवार को पांच दलितों
की हत्या कर दी गई थी।
ऐसा दूसरी बार हुआ है जब राहुल गांधी
एसपीजी के घेरे से बाहर निकले। इससे पहले उड़ीसा में नक्सल
प्रभावित इलाकों में
आदिवासियों से मिलने के लिए सुरक्षा नियमों की अनदेखी की थी।
बिना राज्य पुलिस को
बताए उन्होंने वहां कई घंटे बिताए थे जिस पर उड़ीसा सरकार ने
नाराजगी जताई थी।
इसके जवाब में आमतौर पर शांत दिखने वाले राहुल गांधी ने अपने
विरोधियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि वो जहां भी जाना
चाहें उन्हें कोई
नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि वो लोगों से मिलना नहीं
छोड़ेंगे।
माना जा रहा है भारत की खोज में राहुल इस जोश से 2009
में
होने वाले चुनावों की तैयारी में आक्रामकता लाना चाहते हैं।
कुछ लोग इसे राहुल
गांधी को आम आदमी का नेता के रूप में दर्शाने की पार्टी की
कोशिश मान रहे हैं।
राज्य की मुख्यमंत्री मायावती भी शुक्रवार को मारे गए दलितों
के परिवारों से मिलने पहुंची थीं। लोगों का कहना है कि
मुख्यमंत्री राहुल के प्लान
की खबर के बाद ही वहां पंहुचीं।
वहीं राज्य कांग्रेस के
अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी पहले से कहती रही है कि राज्य
में दलितों की हालत
अच्छी नहीं है। राहुल ने इसी बात पर जोर देने के लिए शनिवार को
इस गांव में जाने की
योजना बनाई।