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बीसीआई की
इंडियन प्रामियम लीग अगले साल लेकिन टीमों की बोली लगाने
बड़े-बड़े बिजनेस घराने अभी से लाइन में
मुंबई
:
देश में
क्रिकेट का जुनून इस कदर है कि बीसीआई की इंडियन प्रीमियर लीग
अगले साल अप्रैल में
शुरू होगी,
लेकिन टीमों की बोली लगाने के लिए बड़े-बड़े बिजनेस घराने अभी
से ही
लाइन लगाए हुए हैं।
बोली लगाने की इस दौड़ में अनिल अंबानी और विजय माल्या
समेत देश-विदेश के कई समूह रुचि ले रहे हैं। यही नहीं,
इंगलिश प्रीमियर लीग की
फुटबॉल टीम,
अमेरिकन बॉस्केट बॉल असोसिएशन के कुछ मेंबर्स के अलावा
2
विदेशी बैंक
भी टीमों की बोली लगाने के लिए इच्छा जता चुके हैं। गौरतलब है
कि इंडियन प्रीमियर
लीग में टीमों के बीच ट्वेंटी-20
मैच खेले जाएंगे।
इस बारे में बीसीसीआई के
उपाध्यक्ष ललित मोदी कहते हैं,
'सबसे
पहले मैं यह बता दूं कि टाटा और महिन्द्रा
जैसे बिजनेस समूह टीमों की बोली लगानेवालों में शामिल नहीं
हैं। लेकिन बहुत से
बिजनेसमैन,
बैंकर्स और फिल्म पर्सनैलिटीज ने टीमों की बोली लगाने की इच्छा
जताई
है।'
आईपीएल के बैनर तले अप्रैल
2008
में टी-20
मैचों का खिताबी मुकाबला
होगा। इस फॉर्मेट के अंदर कोई भी समूह
8
भारतीय शहरों का प्रतिनिधित्व करनेवाली
टीमों की बोली लगा सकता है। मोदी ने बताया प्रत्येक टीम के लिए
फ्लोर प्राइस 50
मिलियन डॉलर है।
मोदी आगे कहते हैं, 'हालांकि
ज्यादातर लोग मुंबई और दिल्ली
की टीमों पर बोली लगाने में इंट्रस्टेड हैं।
15
बिडर्स ने मुंबई और 9
ने दिल्ली पर
बोली लगाने की इच्छा जताई है। अभी तक कुल
90
बिडर्स बोली लगाने के लिए सामने आए
हैं।'
इस प्रॉसेस के बाद कामयाब बिडर्स अपनी पसंद के प्लेयर्स की
स्पॉन्सरशिप की बोली लगाएंगे। उसके लिए उन्हें
50
खिलाड़ियों की पूल में से
प्लेयर्स का चुनाव करना होगा। इस पूल में भारतीय टीम का हर
प्लेयर शामिल होगा। साथ
ही आईसीसी रैंकिंग में बेहतर स्थान रखनेवाले प्लेयर भी इस
लिस्ट में होंगे। इस
लिस्ट में जिन खिलाड़ियों की टॉप रैंकिंग होगी,
उनके लिए बोली 3
लाख डॉलर से शुरू
होगी। लिस्ट में शामिल प्लेयर्स की सबसे कम बोली
1
लाख डॉलर होगी।
मोदी ने
बताया, 'सचिन,
सौरभ और राहुल द्रवि़ड़ अपनी घरेलू टीम से ही खेल सकेंगे। इसका
कारण
यह है कि अगर वे ऐसा नहीं करेंगे,
तो उनके प्रदेश के लोगों की भावनाओं को चोट
पहुंचेगी।'

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