पाक में विपक्ष के
85
सांसदों ने सामूहिक त्याग पत्र दिए
इस्लामाबाद,
पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सेना प्रमुख पद पर
रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव लडने से रोकने की मुहिम के तहत
विपक्षी सर्वदलीय लोकतांत्रिक आन्दोलन (एपीडीएम) के
85
सांसदों ने आज एक साथ इस्तीफे दे दिये। प्रांतीय असेम्बलियों
से
200
से अधिक विधायक पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
एक जुलूस की शक्ल में राष्ट्रीय असेम्बली में पहुंचने के बाद
एपीडीएम के घटक तहरीके इसांफ के अध्यक्ष एवं पूर्व क्रिकेटर
इमरान खान ने सबसे पहले अपना त्याग पत्र स्पीकर चौधरी आमिर
हुसैन को सौंपा1
इसके बाद अन्य विपक्षी सांसदों ने इस्तीफे सौंपे। राष्ट्रीय
असेम्बली में विपक्ष के नेता मौलाना फजलुर्रहमान ने मुत्ताहिदा
मजलिसे अमाल (एमएमए) के
62
सदस्यों के इस्तीफे स्पीकर
को प्रस्तुत किये जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के बीस
सदस्यों के त्यागपत्र पार्टी के नेता जावेद हाशमी ने पेश किये।
अन्य सदस्यों मे तहरीके इसांफ पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी
और जमायतुल इस्लामी रफजल-ए-करीम के एक-एक सांसद हैं। मौलाना
फजलुर्रहमान ने कहा यह एक ऐतिहासिक क्षण है। जनरल मुशर्रफ का
पुनर्निर्वाचन की कोई कानूनी वैधता नहीं है1..
श्री इमरान खान ने कहा कि यह कदम तो काफी पहले ही उठा लेना
चाहिए था1
उन्होंने आशा जताई कि सैनिक तानाशाह के खिलाफ अभियान में
विपक्ष एकजुट रहेगा1
सांसद आवासीय क्षेत्र से असेम्बली तक विपक्षी सांसदों के जुलूस
के मद्देनजर सुरक्षा के कडे इंतजाम किए गए थे1
जुलूस में जमायते इस्लामी. तहरीके इंसाफ और मुस्लिम लीग. नवाज.
के सैकडों कार्यकर्ता पार्टी के झण्डे लेकर चल रहे थे1
सांसदों के असेम्बली में प्रवेश करने के बाद विपक्षी
कार्यकर्ताओं ने असेम्बली की इमारत घेर ली और नारेबाजी की।
पंजाब असेम्बली में भी एपीडीएम विधायकों ने इस्तीफा देना शुरू
कर दिया है। इसे देखते हुए लाहौर में कडे सुरक्षा प्रबंध किए
गए थे। हालांकि सुश्री बेनजीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स
पार्टी एपीडीएम में शामिल नहीं हुई है।