दिल्ली
(आईएनएस)
|24
सितम्बर
2007
।
दसवीं कक्षा की गणित और
सामाजिक विज्ञान विषयों के संबंध मे केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा
बोर्ड की मौजूदा
आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली में फेरबदल हो सकता है। प्रणाली की
समीक्षा के लिए बोर्ड
ने नौ सदस्यीय कमेटी गठित की है जो तीन महीने में रिपोर्ट
देगी। इस कमेटी के संयोजक
सीबीएसई के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पवनेश कुमार को बनाया गया
है।
सीबीएसई ने
2006
सामाजिक विज्ञान व
2007
में गणित विज्ञान में आंतरिक मूल्यांकन
प्रणाली लागू
की थी। दो विषयों में स्कूलों को
20-20
अंक देने का अधिकार दिया गया। गणित में
20
अंकों को बांटा गया है। इसमें
10
अंक दो गतिविधियों के आधार पर लिए जाने वाली
परीक्षा के आधार पर दिया जाता है। पांच अंक प्रोजेक्ट वर्क और
पांच नौवीं कक्षा की
वार्षिक परीक्षा और दसवीं की सत्रांत परीक्षा के आधार पर दिया
जाता है। इसी प्रकार
सामाजिक विज्ञान विषय में दस अंक दो परीक्षा के आधार पर दिया
जाता है। इसी तरह पांच
अंक असाइनमेंट होमवर्क के लिए दिए जाते हैं जबकि पांच अंक
प्रोजेक्ट के लिए दिए
जाते हैं। इससे इस साल सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम में
वृद्धि तो हुई लेकिन
इन दो विषयों में परीक्षार्थियों के लिखित परीक्षा तथा आंतरिक
मूल्यांकन के अंकों
में अंतर दिखा। किसी छात्र को आंतरिक मूल्यांकन में बीस में से
बीस अंक मिल गए जबकि
लिखित परीक्षा में उसे बीस या पच्चीस प्रतिशत अंक मिले। इसे
देखते हुए सीबीएसई ने
कमेटी गठित की है। इसका उद्देश्य मूल्यांकन आंतरिक प्रणाली और
अधिक सार्थक बनाने के
लिए उपाय सुझाना और लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में
प्राप्त अंकों के बीच सह
संबंध जांचना है। अगले वर्ष आंतरिक मूल्यांकन के अंकों में
फेरबदल की संभावना है।