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बच्चा बेचने वाला गिरफ्तार
रायपुर.
गुरुकुल आश्रम के संचालक यू. नारायण राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर
लिया। उसके खिलाफ आश्रम की बच्ची ढाई लाख में बेचने के आरोप में
केस दर्ज किया गया
है। बच्च खरीदने का नाटक करने वाले सामाजिक संस्था के सदस्य ने
सौदेबाजी की सारी
करतूत खुफिया कैमरे में कैद की और मीडिया के माध्यम से ढोंगी का
भांडाफोड़
दिया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही
है। आश्रम के
प्रत्येक बच्चे का रिकार्ड मांगा जा रहा है। बताते हैं कि पुलिस
पिछले दिनों यहां
से गोद दिए गए बच्चों का पता लगाकर खरीद-फरोख्त का पता लगाने में
जुट गई है। पुलिस
ने कैमरे की फुटेज के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया।
पड़ताल के दौरान पुलिस ने नारायण राव से ढाई लाख का चेक बरामद कर
लिया है। वही
चेक लेकर उसने बच्ची बेची थी। देर रात पुलिस ने आश्रम में छापा
मारकर कई अहम
दस्तावेज जब्त किया। कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं हैं।
हालांकि अफसरों ने उसका
खुलासा नहीं किया है।
दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग ने भी इस मामले की तहकीकात शुरू कर दी
है। आश्रम से
बच्चे बेचने का सच खुलने के बाद विभाग के सचिव एसके बेहार ने विभाग
के अफसर प्रमोद
सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। गुरुवार को श्री सिंह इस मामले
की जांच करने
आश्रम पहुंचे।
आश्रम में संचालक राव नहीं थे। समाज कल्याण विभाग को वहां एक भी
ऐसा कर्मचारी
नहीं मिला जो उन्हें जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराता। अफसरों ने एक
महिला कर्मी को
दस्तावेज जुटाने के निर्देश दिए हैं। जांच करने पहुंचे अफसरों ने
भास्कर को बताया
कि अभी यहां रहने वाले बच्चों का रिकार्ड मांगा गया है।
सारे पक्षों की बारीकी से जांच होगी। बच्ची बेचने का आरोप साबित हो
गए तो आश्रम
को दी गई मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। गौरतलब है कि आश्रम को समाज
कल्याण विभाग ने
ही बच्चे गोद देने का अधिकार दिया है। आश्रम की सिफारिश के बिना
बच्चे कानूनी तौर
पर किसी को गोद नहीं दिए जाते। राजधानी में ऐसी दो संस्थाएं और
हैं।
बच्ची स्वस्थ और खुश :
आश्रम से बेची गई बच्ची आंबेडकर अस्पताल की नर्सरी
में है। अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि
बच्ची पूरी तरह
स्वस्थ्य है। उसका खास ख्याल रखने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है मामला :
गुरुकुल आश्रम में छोटे बच्चों को बेचने का सनसनीखेज
खुलासा बुधवार को हुआ था। राजीव बिग्रेड को सबसे पहले इसकी भनक
लगी। एक आम आदमी ने
उनसे बच्च सस्ते में दिलवाने की गुजारिश की थी।
बच्चे बेचने की खबर सुनकर सामाजिक संस्था ने इसका पर्दाफाश करने का
फैसला किया
और खुफिया कैमरे के माध्यम से सच्चाई सामने लाई। आश्रम संचालक ने
ढाई लाख में बच्ची
बेची थी। बच्ची खरीदने के बाद सामाजिक संस्था ने उसे आंबेडकर
अस्पताल में दाखिल
करवा दिया।
कौन हैं राव :
आश्रम का संचालक नारायण राव पुरानी बस्ती
स्थित कन्या महाविद्यालय में प्रयोगशाला सहायक है। वह कई बरसों से
डच्यूटी से गायब
है। उसके बड़े राजनेताओं से संबंध हैं। वह कृषि मंत्री चंद्रशेखर
साहू का भी पीए रह
चुका है। इस वजह से उसका वेतन रोकने की कोई जुर्रत नहीं कर सका।
पिछले तीन साल से
उनसे अपना वेतन भी नहीं लिया है।
आश्रम में सन्नाटा :
राजधानी से
18
किलोमीटर दूर नंदनवन के पास स्थित
गुरुकुल आश्रम में अजीब से खामोशी छायी है। आश्रम के
55
बच्चों में ज्यादातर हालात
को समझने लायक हैं। उन्हें सच्चई पूरी तरह मालूम नहीं है,
लेकिन दो दिनों से आश्रम
में चल रही हलचल से उन्हें दाल में काला होने का आभास होने लगा है।
भास्कर टीम को
देखकर बच्चे कौतूहलवश खड़े होकर देखने लगे। उनसे आश्रम के संबंध
में कुछ भी पूछने
पर जवाब नहीं दिया। एक-दो बच्चे शरमाकर चुप हो गए।
ममता भरे हाथ उठे
खरीद फरोख्त की शिकार सवा महीने की बच्ची को गोद लेने के लिए ममता
भरे हाथ उठने
लगे हैं। रामकुंड चौबे कॉलोनी निवासी अग्रवाल परिवार ने बच्ची के
लिए अपने घर के
दरवाजे खोल दिए हैं। उन्होंने भास्कर को पत्र भेजकर मीडिया के
माध्यम से बच्ची को
गोद लेने की इच्छा जाहिर की। प्रमोद अग्रवाल और उनकी पत्नी दीपा
अग्रवाल ने बताया
कि वे तीन आश्रम में पिछले साल से अर्जी दे चुके हैं। उन्हें
वेटिंग लिस्ट में रखा
गया है।
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