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दर्शकों को गुदगुदाता है अतिथि ....

 

फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे हास्य के साथ भावनात्मक संदेश देती है। फिल्म मे छोटे-छोट कथानक जुडकर हास्य का ऎसा पिटरा बुनते हैं तो दर्शक को हंसाता है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि यह फिल्म हंसाती है और दिल को छू जाती है। साथ ही अनकही बातों अशाब्दिक संप्रेषण से जो मनोरंजन निकलता है वह दर्शक का मनमोह लेने वाला है। वहीं फिल्म में संवाद में हास्य का पिटारा गुदगुदाता है।


    फिल्म की कहानी: फिल्म की कहानी वर्किग कपल पुनीत (अजय देवगन) और मुनमुन (कोंकणा सेन शर्मा) और उनके सात साल के इकलौते बेटे पर टिकी है। फिल्म में दिखाया गया है कि महानगरों की तेज रफ्तार जिंदगी में पति-पत्नि अपनी फैमिली की जिम्मेदारी किस तरह उठा रहे हैं। पुनीत को अपने बेटे के कुछ सवालों को जवाब देना मुश्किल लगता है। उसी बेटे से जब टीचर पूछता है कि अतिथि का क्या मतलब होता है, तो वह नहीं बता पाता क्योंकि उसके घर तो कभी अतिथि आया ही नहीं। बेटा अब वही सवाल घर में आकर अपने डैड से पूछता है। इसी बीच इन सबकी खुशहाल जिंदगी में कभी न खत्म होने वाली मुश्किलों का दौर तब शुरू होता है, जब उनके घर एक रिश्ते में बहुत दूर से पुनीत के चाचा लंबोदर वाजपेयी (परेश रावल) आ जाते हैं। पुनीत उन्हें नहीं जानता लेकिन लंबोदर चाचा तो उससे मनवा ही लेते हैं कि वही उनका भतीजा पप्पू है। खैर, घर आए इस अनचाहे अतिथि को पुनीत और मुनमुन यह सोचकर रखते हैं कि चलो दो-चार दिन में तो चले ही जाएंगे लेकिन उन्हें क्या मालूम कि यह अनचाहा अतिथि लंबोदर वाजपेयी आया भी अपनी मर्जी से है और जाएगा भी अपनी मर्जी से। चाचा जी को इससे कुछ लेना देना नहीं कि उनकी वजह से पुनीत की फैमिली कभी न खत्म होने वाली मुश्किलों में घिर जाती है।
शहर बडे हुए हैं, और परिवार छोटे और रिश्तों के ताने-बाने में भी एक बदलाव, अतिथि को भगवान मानने वाले इस देश में अतिथि तुम कब जाओगे के संदेश के साथ बॉक्स ऑफिस पर आई इस फिल्म में अजय, कोकणा और परेश की तिकडी ने बेहतरीन अभिनय किया है। परेश ने चाचा जी के रोल में कमाल का अभिनय किया है और कॉमेडी के जिस अंदाज को वे जीते हैं वह दर्शक को गुदगुदाता है। वहीं अजय देवगन और कोकण की टायमिंग और टयूनिंग रंग जमाने वाली है। फिल्म के निर्देशक अश्विनी धीर को इस बात के लिए साधुवाद दिया जा सकता है कि उन्होने कम बजट में बेहतरीन हॉस्य रचने का प्रयास किया है।

 

 

 

 

 


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