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।। लोक-अभिरुचि ।।
पृथ्वी से बैकुंठ की दूरी 12 लाख योजन आज के तीव्र गति वाले वैज्ञानिक युग में भले ही स्वर्ग या बैकुंठ को कपोल कल्पना समझा जाय पर शताब्दियों से भारतीय मन और मनीषा में बैकुंठ की अवधारणा पर अटूट विश्वास है । हाल ही में मिली 400 वर्षीय प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपि ब्रह्मांड पुराण की मानें तो पृथ्वी से बैकुंठ की दूरी 12 लाख योजन है ।
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संपादक, इंडियन न्यूज़ सर्विस, बाम्बे मार्केट, रायपुर, छत्तीसगढ़, मोबाईल- 09329024410, फोन- 0771-4269875, ई-मेल- editorins@gmail.com |
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